India Russia Defence Deal: ‘सुदर्शन’ यानी भारत का एयर डिफेंस नेटवर्क अब सिर्फ एक ढाल नहीं रह गया है, बल्कि उसे ‘नारायणास्त्र’ जैसी आक्रामक ताकत मिल गई है. भारतीय सेना का ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ अब एक नए युद्ध स्तर पर पहुंचने को तैयार है. पहले यह मिशन भारत के आसमान को दुश्मन के हमलों से बचाने का कवच बनकर तैयार हो रहा था. लेकिन, अब रूस से आ रहे नए सुरक्षा कवच सुदर्शन की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले हैं. भविष्य में दुश्मन ने कोई भी हिमाकत की तो भारतीय सुदर्शन ‘नारायणास्त्र’ बनकर दुश्मन के घर में तांडव मचाएंगा.
जी हां, यहां पर हम ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत सरहदों की सुरक्षा में तैनात एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की बात कर रहे है. इसी एस-400 ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पांच पांच पाकिस्तानी फाइटर एयरक्राफ्ट को को मार गिराकर था. साथ ही, यह साबित कर दिया था कि वह सीमा पार तक दुश्मन का पीछा कर सकता है. लेकिन अब रणनीति थोड़ा बदल गई है. भारत अब केवल हमले रोकने के लिए ही नहीं, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर उसके हवाई बेड़े को तबाह करने की क्षमता विकसित कर रहा है.
यह वही ‘नारायणास्त्र’ शैली है, जो छोड़ने के बाद पीछा करता है और अपने निशाने को जलाकर रख देता है. चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर लगातार बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत रूस से पांच अतिरिक्त एस-400 रेजिमेंट खरीद रहा है. चौथी रेजिमेंट मई 2026 के अंत तक आ जाएगी. पांचवीं नवंबर 2026 तक मिलेगी, जबकि नई रेजिमेंट्स की डिलीवरी 2028 से शुरू होगी. नए एस-400 की डिलीवरी मिलते ही ‘सुदर्शन’ की ताकत ‘नारायणास्त्र’ जैसी हो जाएगी. इसके बाद तब दुश्मन का कोई विमान, कोई ड्रोन, कोई मिसाइल भारतीय सीमा से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने पर भी सुरक्षित नहीं बचेगा.
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